क्या लखटकिया नैनो कार अब सड़क पर दौड़ती नहीं दिखाई पड़ेगी?

नयी दिल्ली : लोअर मिडिल क्लास के हर घर में एक कार पहुंचा देने के रतन टाटा का सपना खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है.  टाटा मोटर ने फरवरी में भी नैनो की एक इकाई का भी उत्पादन नहीं किया . यह लगातार दूसरा महीना है जब कंपनी ने एक समय में सुर्खियों में रहे इस वाहन का उत्पादन नहीं किया है. इसके साथ इस कार के भविष्य पर प्रश्नचिह्न अब भी बना हुआ है. कंपनी के मुताबिक नैनो के भविष्य को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं किया गया है.

हालांकि अपने वर्तमान स्वरूप में यह नये सुरक्षा एवं उत्सर्जन मानकों पर खरा नहीं उतरती है और कार को उन मानकों के अनुरूप बनाने के लिए नये सिरे से निवेश की आवश्यकता है. जिस समय कार बाज़ार में लांच की गयी थी, तो कहा गया था कि एक लाख रूपये में अफोर्डेबल कार लोअर मिडिल क्लास के लोग खरीद सकते हैं और इस तरह कार खरीदने का उनका सपना भी पूरा होगा, हालाँकि जब बाज़ार में कार आई, तो इसकी कीमत एक लाख रूपये से ज्यादा थी, फिर भी एक उम्मीद की किरण जगी थी कि अब हर भारतीय अपनी कार ले सकते हैं, पर फिलहाल ये सपना खटाई में पड़ता नज़र आ रहा है. टाटा मोटर ने शेयर बाजारों को दी गयी जानकारी में बताया है कि उसने फरवरी में एक भी इकाई का उत्पादन नहीं किया है और आलोच्य महीने में केवल घरेलू बाजार में एक इकाई की बिक्री की.
हालांकि एक भी इकाई का निर्यात नहीं किया गया. पिछले साल फरवरी में कंपनी ने नैनो की 34 इकाइयों का उत्पादन किया था और इस मॉडल की 52 गाड़ियों की बिक्री की थी. इस साल जनवरी में भी कंपनी ने एक भी नैनो का उत्पादन नहीं किया था. एक समय में नैनो को आम लोगों की कार और लखटकिया कार कहा गया था.
 हाल ही में कंपनी के अधिकारी ने इस बात की ओर इशारा किया था कि अप्रैल 2020 तक नैनो का उत्पादन और बिक्री बंद की जा सकती है क्योंकि टाटा मोटर की रतन टाटा के सपने के इस कार में नये निवेश की कोई योजना नहीं है.

[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.