एनडीए के घोषित उम्मीदवारों में सिर्फ 3 महिला उम्मीदवार; महागठबंधन ने पहले चरण में 1 महिला उम्मीदवार को खड़ा किया

लोकसभा चुनाव की तैयारियां दोनों पक्षों ने लगभग पूरी कर ली हैं. जहाँ एनडीए ने खगरिया सीट छोड़कर बाकी सभी 39 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. वहीँ महागठबंधन ने भी ११ अप्रैल को होने वाले पहले चरण के चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है. ज्ञात हो कि बिहार में कुल सात चरण में चुनाव होने हैं.

इसमें गौर करने वाली बात ये है कि महिला उम्मीदवारों की घोर अवहेलना की गयी है. फिलहाल एनडीए ने सिर्फ तीन महिला उम्मीदवारों को खड़ा किया है, वहीँ महागठबंधन ने पहले चरण में एक महिला उम्मीदवार को टिकट दिया है. गौर करने वाली बात ये भी है कि हर महिला उम्मीदवार का सम्बन्ध दबंग राजनीतिक परिवार से है.

सबसे पहले शिवहर की रामदेवी की बात करें. बीजेपी ने सांसद रमा देवी पर फिर से भरोसा जताया है. बाहुबली बृजबिहारी प्रसाद की पत्नी हैं और उनकी इलाके में तूती बोलती है. बृजबिहारी का राजद से पुराना नाता रहा था. गौरतलब है कि घोटाले के एक मामले में न्यायिक हिरासत में रहकर पटना स्थित इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में इलाज करा रहे बृज बिहारी प्रसाद की 13 जून 1998 को संस्थान परिसर में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सत्र अदालत ने 12 अगस्त 2009 को सूरजभान समेत नौ लोगों को उम्र कैद की सजा सुनाई थी.

2014 में भाजपा के टिकट पर रमा देवी ही चुनाव जीतकर आयीं, उन्होंने राजद के अनवरुल हक को एक लाख 36 हजार से भी ज्यादा मतों से पराजित किया था.
शिवहर लोकसभा क्षेत्र में छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिनमें मधुबन, चिरैया, ढाका, शिवहर, रिगा और बेलसंड. छह विधानसभा सीटों में से 2-2 पर भाजपा और जदयू के विधायक हैं, जबकि एक सीट कांग्रेस और एक राजद के पास है.

इस संसदीय क्षेत्र में वोटरों की कुल संख्या 1,269,056 है. इसमें 591,390 महिला वोटर और 677,666 पुरुष मतदाता हैं. शिवहर क्षेत्र राजपूत बहुल सीट माना जाता है. यहां की सियासत पर राजपूत समाज का खासा प्रभाव है और चुनावी नतीजों में इसका साफ असर दिखता है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से यह वर्चस्व कायम नहीं है. वर्तमान सांसद रमा देवी वैश्य समुदाय की है और उससे पहल यहां राजद के सांसद हुए थे.

अब बात दूसरी महिला उम्मीदवार वीणा देवी की. बीजेपी की पूर्व विधायक और जदयू एमएलसी दिनेश सिंह की पत्नी वीणा देवी शनिवार को लोजपा में शामिल हो जायेंगी. वीणा देवी वैशाली से लोजपा की उम्मीदवार होंगी. उनका मुकाबला राजद के डॉ रघुवंश प्रसाद सिंह से होगा.  वीणा देवी को वैशाली की सीट लोजपा के मौजूदा सांसद रामाकिशोर सिंह का टिकट काट कर दिया गया है. रामा के शिवहर से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ने की चर्चा है.

वीणा देवी गायघाट से बीजेपी के टिकट पर विधायक चुनी गयीं थी. तब वह सीट तालमेल में बीजेपी को मिली थी. तब चुनाव लड़ाने के लिए वीणा को बीजेपी में शामिल कराया गया था. जिला परिषद्, मुजफ्फरपुर की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष रह चुकी वीणा देवी के पति दिनेश सिंह स्थानीय क्षेत्र प्राधिकार से लगातार तीन टर्म से एमएलसी है.

इस बार लोजपा ने आश्चर्यजनक ढंग से मुंगेर से लोकसभा सांसद और बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा सिंह का टिकट काट कर नवादा सीट से चन्दन कुमार को टिकट दिया है.

एनडीए से तीसरी महिला उम्मीदवार हैं कविता सिंह जिन्हे जदयू ने सिवान से खड़ा किया है. उम्मीद की जा रही है कि राजद इस सीट पर हीना शहाब को खड़ा करेगा. भाजपा ने ओम प्रकाश यादव को हटाकर ये सीट जदयू को दिया.

मर्डर, लूट, अपहरण सहित 30 मामलों में आरोपी रहे हैं बाहुबली अजय सिंह, जो शैक्षणिक योग्यता के नाम पर 8वीं पास हैं। इनकी पत्नी कविता कुमारी दरौंदा सीट से जदयू एमएलए हैं. कविता अक्टूबर 2011 में दरौंदा से पहली बार MLA बनी थीं और तभी से अजय सिंह वाइफ की मदद से अपनी इमेज सुधारने में जुट गए थे. 2013 में अजय सभी केस में जमानत पर थे, उसी दौरान उनको ‘बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन’ का प्रेसिडेंट बनाए जाने की खबर आई, जिससे राज्य के साहित्यकार और विद्वान सकते में आ गए. हिंदी के विकास को बढ़ावा देने के लिए पटना में इस प्रतिष्ठित संस्था की स्थापना 1919 में की गई थी.
अजय सिंह के चुनाव को शिक्षाविद् व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. अनिल सुलभ ने असंवैधानिक  बताते हुए  कहा कि अजय सिंह अपने आर्म्ड बॉडीगार्ड्स और समर्थकों के साथ संस्था के दफ्तर पहुंचे और उनके नाम की तख्ती को उखाड़कर फेंक दिया.

बाहुबली अजय सिंह‍ की मां जगमातो देवी सिवान जिले की दरौंदा सीट से JDU एमएलए थीं. मां की मौत के बाद जुलाई 2011 में अजय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और मां की मौत से रिक्त हुई इस सीट पर अपने लिए JDU का टिकट मांगा. मगर उनकी आपराधिक छवि को ध्यान में रख नीतीश ने तब अविवाहित अजय सिंह को किसी पढी-लिखी और 25 वर्ष की उम्र पूरी कर चुकी लड़की से शादी करने की सलाह दी. इस पर आनन-फानन में टिकट की खातिर पितृपक्ष में ही अजय सिंह ने कविता से विवाह किया जिन्हें दरौंदा उपचुनाव में जदयू का उम्मीदवार बनाया गया. 2011 में हुए दरौंदा उपचुनाव में कविता सिंह 20 हजार वोटों से चुनाव जीत गई थीं.  2015 में भी इस सीट से JDU ने कविता सिंह पर ही अपना दांव लगाया.

नवादा लोकसभा सीट पर पूर्व विधायक राजवल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को उम्मीदवार बनाया गया है. राजद के इस फैसले के बाद सियासत तेज हो गई है. वहीं, माना जा रहा है कि राजवल्लभ यादव का प्रभाव राजद में अभी भी बरकरार है.

राजवल्लभ यादव राजद से नवादा विधानसभा के विधायक रह चुके हैं. हालांकि एक नाबालिक से रेप कांड में दोषी पाए गए राजवल्लभ की विधायकी समाप्त हो गई है. कोर्ट द्वारा उन्हें दोषी ठहराए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी गई है. वहीं, राजद से उन्हें केवल निलंबित किया गया है.

नवादा लोकसभा सीट से अब राजवल्लभ यादव की पत्नी विभा देवी को टिकट दिया गया है. राजद के इस फैसले से एनडीए राजद पर  निशाना साध रहा है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने सवाल खड़ा किया कि एक सजायाफ्ता की पत्नी को टिकट देकर पुरस्कृत क्यों किया जा रहा है.


[jetpack_subscription_form title="Subscribe to Marginalised.in" subscribe_text=" Enter your email address to subscribe and receive notifications of Latest news updates by email."]

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.