मौसमी सर्दी-ज़ुक़ामः कारण, रोकथाम और इलाज

डॉ. रमन कुमार, अध्यक्ष-अकेडमी ऑफ फैमिली फिजिशियंस ऑफ इंडिया

अभी के मौसम में सर्दी जुकाम होना बात है। आपका पूरा परिवार इस बीमारी की गिरफ्त में  सकता है. सर्दी- जुकाम होने से सिरदर्द, भूख न लगना, मांसपेशियों में पीड़ा, गला खराब और नाक बहने जैसी दिक्कतें होने लगती हैं. आमतौर पर किसी भी अन्य बीमारी के मुकाबले लोग सर्दी-जुकाम से ज्यादा पीड़ित होते हैं.

वायरस है वजह

आम सर्दी-जुकाम के लक्षण बहुत से वायरसों की वजह से पैदा होते हैं लेकिन सामान्य सर्दी-जुकाम से जुड़े लक्षणों के बारे में डॉक्टरों व मरीजों को भली-भांति पता रहता है. आधे से अधिक मरीजों का पहले गला खराब होना शुरु होता है इसके बाद साइनस व नाक में जमाव, छींक व नाक बहने लगती है.इन लक्षणों के साथ-साथ आम तौर पर बुखार, खांसी, गला बैठना जैसे परेशानियां भी आती हैं जो कभी-कभी कुछ हफ्तों तक भी रह सकती हैं. हालांकि सामान्य सर्दी-जुकाम की वजह से बहुत ज्यादा बुखार होना दुर्लभ है.

घरेलू उपाय

ऽ              अदरक की चाय

ऽ              दूध और हल्दी

ऽ              नींबू, दालचीनी व शहद

ऽ              नमकीन, गरम पानी के गरारे

ऽ              शहद व ब्रांडी

ऽ              गुनगुना पानी पीना

ऽ              गाजर का रस

ऽ              खास मसाला चाय

ऽ              शहद, नींबू का रस व गर्म पानी

ऽ              सर्दी व खांसी के लिए अलसी के बीज

ऽ              अदरक व नमक

ऽ              अदरक व तुलसी का मिश्रण

 

संक्रमण और दवा

पहले 24 घंटों के दौरान मरीज सबसे ज्यादा संक्रामक होता है, लेकिन जब तक लक्षण बरकरार रहते हैं तब तक भी वह संक्रामक बना रहता है. जैसे-जैसे जुकाम आगे बढ़ता है नाक से बहने वाला पतला द्रवा गाढ़ा होने लगता है और बाद में पीला भी हो सकता है. हालांकि यह बिल्कुल सामान्य है और ऐसे में शायद ही ऐंटीबायोटिक्स की जरूरत पड़ती है। बुखार होने पर पैरासीटामोल ले सकते हैं.

डॉक्टर की सलाह

जुकाम की शुरुआत में डॉक्टर से सलाह करने की जरूरत नहीं होती.लेकिन अगर निम्नलिखित लक्षण सामने आएं तो बजाय किसी स्पेशल डॉक्टर से मिलने के आप जनरल फिजिशियन से मिल सकते हैंः

 

Û सांस लेने में तकलीफ

Û अचानक छाती में दर्द या पेट में दर्द

Û अचानक चक्कर आना

Û अजीब तरीके से बर्ताव करना

Û बहुत ज्यादा उल्टी होना, जो ठीक न हो रही हो

Û मरीज अजीब व्यवहार करने लगे

Û लक्षण बदतर हो जाएं या 7 से 10 दिनों में भी सुधार न हो

इलाज से बेहतर रोकथाम

जानी मानी बात है कि इलाज से बेहतर रोकथाम है। इसलिए साफ सफाई का ध्यान रखें. अपने हाथ नियमित धोएं, अपनी चीजों को रोगाणुओं से मुक्त करें, नाक पोंछने-छींक-खांसी में टिश्यू इस्तेमाल करें, निजी इस्तेमाल की वस्तुओं को साझा न करें, जिन्हें सर्दी-जुकाम हुआ हो उनसे दूर रहें, बच्चे के लिए चाइल्डकेयर सेंटर का चयन सतर्कता से करें और अपना ख्याल रखें.


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