सुरैया नहीं, ये थीं देव साहब के जीवन का पहला प्यार, जो चाहती हैं उन्हें क्लास रूम में Kiss करना

-रजनीश आनंद-

देव आनंद भारतीय सिनेमा के ऐसे स्टार हैं जिन्हें आॅल टाइम फेवरेट स्टार की कैटेगरी में रखा जाता है. वे एक ऐसे स्टार हैं जिनके फैंस हर आयु के लोग रहे. उन्हें भारतीय सिनेमा का पहला रोमांटिक स्टार भी कहा जाता है. देव आनंद के फैंस में महिलाओं की संख्या ज्यादा है. एक जमाना था जब महिलाएं उन्हें देख-देखकर आहें भरा करती थीं. कहा तो यह भी जाता है कि अगर देव साहब काले कोट पैंट में सड़क पर निकल जाते थे, तो लड़कियां बेकाबू हो जाती थीं, खैर यह तो कहने की बातें हुईं. देव साहब ने अपने जीवन में अपनी साथी कलाकार सुरैया से टूटकर मोहब्बत की और उसे हमेशा स्वीकारा भी, हालांकि उनकी मोहब्बत शादी तक नहीं पहुंच सकी. 


आज तक हम यही जानते हैं कि देव साहब के जीवन में पहला प्यार सुरैया थी, लेकिन अपनी Autobiography ‘Romancing with Life’ में उन्होंने अपने पहले प्रेम के बारे में बताया है. देव साहब ने अपनी आॅटोबाॅग्राफी में लिखा है कि उनके जीवन में प्यार के रूप में जिसकी इंट्री सबसे पहली बार हुई वह थी ‘उषा चोपड़ा’. उषा चोपड़ा उनके साथ इंग्लिश आॅनर्स की पढ़ाई कर रही थी और उनके क्लास की एकमात्र लड़की थी. वह एक अंग्रेज मां और हिंदुस्तानी पिता की संतान थी. देव आनंद बचपन से ही शर्मीले थे लेकिन उषा ने उनसे अपने दिल की बात कही थी. उसने एक बार देव साहब का पीछा किया था और शर्मीले देव साहब उससे बचकर भाग रहे थे, लेकिन तेज कदमों से चलकर उसने उन्हें पकड़ लिया और अपनी ओर खींचकर कर कहा, यह फूल लो इसे मैंने तुम्हारे लिए तोड़ा था. देव आनंद घबरा गये थे और उषा से बचना चाह रहे थे, लेकिन उषा ने उनसे कहा कि मैं तुम्हें क्लास में चूमना चाहती थी, लेकिन टीचर आ गयी. 


एक तरह से यह देव साहब के जीवन का एकतरफा प्रेम था, लेकिन देव साहब ने स्वीकारा है कि कहीं ना कहीं उन्हें उषा से प्रेम हो गया था. अपने शर्मीले स्वभाव के कारण वे उसे स्वीकार नहीं पाये थे, लेकिन उन्हें उषा से प्रेम था. उन दोनों की मुलाकातें भी इस बात का प्रमाण हैं. हालांकि उषा और उनका साथ ज्यादा दिनों का नहीं रह सका क्योंकि देव आनंद काम के लिए मुंबई आ गये थे. जिस दिन वे फ्रंटियर मेल से अपने सपनों को सच करने के लिए मुंबई के लिए रवाना हुए थे, उषा प्लटफाॅर्म पर आयी थी और वह गाड़ी के खुलने के बाद भी ट्रेन के पीछे दौड़ रही थी, वह कह रही थी कि मुझे भी अपने साथ ले चलो… लेकिन इन दोनों का साथ इतने ही दिनों का था. हालांकि दोनों की फोन पर बातें भी हुई लेकिन देव और उषा साथ नहीं आ सके…

(फेसबुक वाल से साभार)

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